“गर्व से कहो हाँ बबुआ हम बिहार के है|”
बिहार जहाँ की आबोहवा से बुद्ध के ज्ञान की खुशबू आती है, बिहार जहाँ की पावन माटी ने गुरुगोबिंद सिंह जैसे वीरों को जन्म दिया है ! अशोक जैसा महान शासक,चाणक्य जैसा नीतिवान और महावीर जैसे दार्शनिकों की कर्मस्थली रहा है बिहार ! बिहार के महान बेटों ने भारतवर्ष की शरहदों से बाहर जाकर सनातन धर्म की,और लोकतंत्र की स्थापना की है ! लुटियंस पेश करते है “भारतवर्ष का गौरव,बिहार का स्वर्णिम इतिहास”
पुराणों के अनुसार,वर्तमान बिहार के कुछ प्रमुख ज़िले जैसे मुजफ्फरपुर , सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी और दरभंगा कभी राजा जनक के राज्य के अंतर्गत आते थे ! सीता जी का जन्मस्थान पुनौरा भी सीतामर्ही के पास ही पड़ता है ! राजा जनक की राजधानी “जनकपुरी” ( जहाँ भगवान् श्री राम और माता सीता का विवाह हुआ था ) बिहार सीमा से लगे हुए नेपाल देश में स्थित है ! रामायण के रचयिता “महर्षि वाल्मीकीजी” बिहार के वाल्मिकी नगर में रहते थे ! इस प्रकार बिहार पुरातन काल से ही सनातनधर्म का प्रमुख केंद्र रहा है !!
महात्मा बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के निकट लुंबिनी, नेपाल में हुआ था जिन्होंने कालान्तर में बोधगया (बिहार) में बोद्धत्व ( ज्ञान ) की प्राप्ति कर बोद्ध धर्म की स्थापना की ! “बोद्ध धर्म” के अनुयायी के बीच “गया” आज भी श्रद्धा का एक प्रमुख केंद्र है !
सिखों के दसवें और अंतिम गुरु “गुरु गोबिंदसिंह” जी का जन्म बिहार की राजधानी पटना में हुआ था ! पटनासाहिब में स्थित “गुरु गोबिंदसिंह जी का का मन्दिर” सिखों के 5 प्रमुखों तीर्थस्थलों (तख्तों ) में से एक है !
जैन धर्म के चौबीसवें और अंतिम तीर्थकर महावीर जी का जन्म बिहार के वैशाली नगर में हुआ था महावीर जी ने अहिंसा परमो धर्म: जैसे मानवतावादी सिद्धांतों पर जोर दिया !
सनातन धर्म का सनातन ज्ञान का प्रमुख्य केंद्र और विश्व का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय बिहार के नालंदा जिले में स्थित था नालंदा विश्वविद्यालय में हज़ारों की संख्या में गुरुकुल में रहकर विद्यार्थी विद्या ग्रहण करते थे और फिर समूचे विश्व का भ्रमण कर सनातन ज्ञान को प्रसारित करते थे ! मुस्लिम आक्रमणकारियों ने नालंदा विश्वविद्यालय में आग लगवा दी थी जिसमें सनातन धर्म और विज्ञान से जुड़े तमाम दस्तावेज़, पुस्तके, ग्रन्थ इत्यादि जल गये थे कहा जाता है विश्वविद्यालय का पुस्तकालय इतना विशाल था कि ये आग निरंतर 6 महीने तक जलती रही थी ! प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने ७ वीं शताब्दी में यहाँ जीवन का महत्त्वपूर्ण एक वर्ष एक विद्यार्थी और एक शिक्षक के रूप में व्यतीत किया था।
6.अशोक महान प्राचीन भारत का चक्रवर्ती राजा था। उनके समय मौर्य राज्य उत्तर में हिन्दुकुश की श्रेणियों से लेकर दक्षिण में मैसूर तक तथा पूर्व में बंगाल से पश्चिम में अफ़गानिस्तान तक फ़ैला हुआ था। अशोक महान ने अपने जीवन में कभी भी कोई युद्ध नहीं हारा ! कलिंग युद्ध में हुयी भीषण हिंसा को देखकर अशोक का ह्रदय व्याकुल हो उठा और उन्होंने बोद्ध धर्म को अपना लिया ! अशोक महान ने भारत समेत ,श्रीलंका, अफ़ग़ानिस्तान, पश्चिम एशिया, मिस्र तथा यूनान में बोद्ध धर्म का प्रचार प्रसार किया !
कौटिल्य अर्थात चाणक्य की कर्मभूमि भी पाटिलपुत्र थी ! चाणक्य अर्थशास्त, नीतिशास्त, समाजशास्त्र और कूटनीतिक शास्त्र का महान ज्ञाता था ! चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे चाणक्य को एक दूरदर्शी राजनीतिज्ञ के रूप में मौर्य साम्राज्य का संस्थापक और संरक्षक माना जाता है ! चाणक्य की सर्वोपरि इच्छा थी भारत को एक गौरवशाली और विशाल राज्य के रूप में स्थापित करने की, और अपने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वह राजनीति से लेकर कूटनीति तक का प्रयोग किया !
मगध(आधुनिक बिहार) भारत का सर्वाधिक समपन्न राज्यों में से एक था ! ईसा से 7-8 सदी बाद से मगध में प्रशासनिक ढांचा विकसित कर, राज्य में आर्थिक और सामजिक आधार पर विकास किया ! मगध में कालान्तर से ही कुशल न्याय व्यवस्था और उच्च नैतिक मूल्यों वाला समाज देखने को मिलता है !
संविधान सभा के अध्यक्ष और स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेन्द्र प्रसाद का जन्म भी बिहार में हुआ था ! डा. राजेन्द्र प्रसाद 12 वर्षों तक भारत के राष्ट्रपति रहे !
प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर समाजवादी नेता जय प्रकाश की जन्मस्थली और तपोस्थली बिहार रही है ! बिहार की राजधानी पटना में स्थित गांधी मैदान में आपातकाल के पूर्व की गयी उनकी एतिहासिक रैली ने देशभर में कांग्रेस सरकार के प्रति आक्रोश पैदा कर दिया था ! उनके द्वारा किये गये “सम्पूर्ण क्रान्ति” के आवाहन ने युवाओं पर “गांधी जी केअसहयोग आन्दोलन” के जैसा प्रभाव डाला,जे.पी. ने आपातकाल के बाद हुए चुनाव में पहली गैर कांग्रेसी सरकार को बनाने में अहम भूमिका निभाई !










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