बिहार क्रिकेट के लिए शनिवार का एक बड़ी ख़ुशी ले कर आई तो एक और निराशा भी हाथ लगा. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने यह साफ़ किया है कि बिहार में एक ही क्रिकेट संस्था होगी वह है बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) होगा. दुःख की बात यह रही कि बीसीए को बीसीसीआई की ओर से पूर्ण मान्यता नहीं मिली है. लेकिन बड़ी खबर है की अब बिहार की क्रिकेट टीम बीसीसीआई के एसोसिएट टूर्नामेंट में खेल सकेगी.
बीसीसीआई ने कहा है की बीसीए इन टूर्नामेंटों के लिए टीम बनाये. हालांकि इस मान्यता के बावजूद बिहार की टीम रणजी के साथ ऐसे किसी भी क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलने का मौका नहीं मिलेगा जिसमें बीसीसीआई की पूर्ण मान्यता वाले राज्य खेलते है.
बीसीसीआई ने बीसीए को बिहार में क्रिकेट को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए तीन साल का वक्त दिया इसके बाद यहाँ चल रहे कार्यो की समीक्षा की जाएगी. कल पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में मीटिंग हुई जिसमे बीसीसीआई के जीएम रत्नाकर शेट्टी, बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री शिवचंद्र राम, बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सह बिहार के वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी और संघ के सचिव रविशंकर प्रसाद सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
इस बैठक में बिहार में अंडर 16, 19 तथा 23 के उम्र के क्रिकेट प्रतियोगिता में खेलने के लिए मान्यता मिली है. इन सभी टूर्नामेंट में पुरुष तथा महिला की टीम हिस्सा ले सकती है. इससे अब यह साफ़ हो गया है कि बिहार के खिलाड़ी भी अब भारतीय टीम में खेल सकते है.
No comments:
Post a Comment
1. हम आपसे टिप्पणी में सभ्य शब्दों के प्रयोग की अपेक्षा करते हैं।
2. हम आपसे लेख के बारे में वास्तविक राय की अपेक्षा करते हैं।
3. यदि आप विषय के अतिरिक्त कोई अन्य जानकारी चाहते हैं तो अपने प्रश्न ईमेल द्वारा पूछे - rohitksports@gmail.com