बिहार जहाँ की आबोहवा से बुद्ध के ज्ञान की खुशबू आती है, बिहार जहाँ की पावन माटी ने गुरुगोबिंद सिंह जैसे वीरों को जन्म दिया है ! अशोक जैसा महान शासक,चाणक्य जैसा नीतिवान और महावीर जैसे दार्शनिकों की कर्मस्थली रहा है बिहार ! बिहार के महान बेटों ने भारतवर्ष की शरहदों से बाहर जाकर सनातन धर्म की,और लोकतंत्र की स्थापना की है ! लुटियंस पेश करते है “भारतवर्ष का गौरव,बिहार का स्वर्णिम इतिहास”

Sunday, 31 January 2016

पटना शहर [बिहार]

पटना शहर [बिहार]


पटना शहर [बिहार]
भारत के राज्य बिहार के बारे में हम आप कोपहले बता चुके हैं.बिहार राज्य की राजधानीपटना है.ऐतिहासिक महत्व वाला यह एक ऐसाशहर है जो अति प्राचीन काल से अब तक आबादहै.

राजा पत्रक को इस शहर का जनक कहा जाताहै.उन्होने इसे अपनी पत्नी पाटली के लिए जादू सेबनाया था[??].
इसी लिए भी गंगा नदी के तट पर स्थित इस शहरका नाम कभी पाटलिपुत्र था.
पटना नाम कैसे पड़ा?कोई कहता है कि 'पटनदेवी' के नाम पर है कोई कहता है कि यह नामसंस्कृत शब्द पट्टन से आया है.मौर्यकाल के यूनानीइतिहासकार मेगास्थनिज ने इस शहर कोपालिबोथरा तथा चीनीयात्री फाहियान नेपालिनफू के नाम से संबोधित किया है.यहऐतिहासिक नगर पिछली दो सहस्त्राब्दियों में कईनाम पा चुका है - पाटलिग्राम, पाटलिपुत्र, पुष्पपुर,कुसुमपुर, अजीमाबाद और पटना!
पाटली 'गुलाब के फूल को कहते हैं..यहाँ कभीफूल बहुत उगाए जाते थे.
नील की खेती के लिये १९१७ में चम्पारणआन्दोलन तथा 1942 का भारत छोड़ो आन्दोलनके समय पटना की भूमिका उल्लेखनीय रही है.

पटना नगर के लिए भगवान बुद्ध की यहभविष्यवाणी थी कि नगर का भविष्य उज्जवलहोगा, बाढ़ या आग के कारण नगर को खतरा बनारहेगा.

यहाँ के प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं-

तख्त श्रीहरमंदिर[पटना ]सिखों के दसमें औरअंतिम गुरु गोविन्द सिंह की जन्मस्थली है],अगमकुआँ [सम्राट अशोक के काल का एक कुआँ],
कुम्रहार [भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारासंरक्षित ],
बेगू हज्जाम की मस्जिद,-
शेरशाह की मस्जिद,
पादरी की हवेली,
ख़ुदाबख़्श लाईब्रेरी[यहाँ कुछ अतिदुर्लभ मुगलकालीन पांडुलपियां हैं],
-क़िला हाउस [जालान हाउस ],
संजय गांधी जैविक उद्यान,दरभंगा हाउस ,
पटना संग्रहालय[ ३० करोड़ वर्ष पुराने पेड़ के तनेका फॉसिल यहाँ है]
राजेंद्र प्रसाद स्मृति संग्रहालय सदाक़त आश्रम - [देशरत्न राजेन्द्र प्रसाद की कर्मभूमि ],
ताराघर संग्रहालय के पास बना तारामंडल देश मेंवृहत्तम है] आदि.

यहीं है दुनिया का सबसे लंबा सड़क पुल जो किपटना से हाजीपुर को जोड़ने को लिये गंगा नदीपर उत्तर-दक्षिण की दिशा में बना है इसे 'महात्मागांधी सेतु' कहते हैं.
अधिक जानकारी यहाँ से भी ले सकते हैं -
http://en.wikipedia.org/wiki/Category:Visitor_attractions_in_Patna
Golghar in 1888
Golghar today [यह तस्वीर गूगल से साभार ]
गोलघर -:
यह गोलाकार इमारत अपनी खास आकृति केलिए प्रसिद्ध है.
पटना के पश्चिमी किनारे पर स्थित इस 'गोलघर'का निर्माण 1770 में आई भयंकर सूखे के दौरानकैप्टने जॉन गार्स्टिन ने ब्रिटिश फौज के लिएअनाज भंडारण के लिए करवाया था.
इसका निर्माण कार्य ब्रिटिश राज में 20 जुलाई1786 को संपन्न हुआ था.
यह 96 फीट ऊंचा है ,इसकी दीवार आधार में 12फीट मोटी है , आधार 125 मीटर है और इस मेंकहीं भी कोई स्तंभ नही है.इसमें एक साथ140000 टन अनाज़ रखा जा सकता है.
ऊपर चढ़ने के लिए सर्पिलाकार की १४५ सीढियाँहैं.कहते हैं मजदूर एक तरफ से अनाज के बोरेलेकर चढ़ते थे और ऊपर से खाली जगह से नीचेबोरे गिरा कर दूसरी तरफ से उतर जाते थे.
इस के ऊपर से एक तरफ जहाँ गंगा नदी कोदेखना बहुत ही मनमोहक है तो दूसरी तरफ सेशहर का नज़ारा भी उतना ही लुभावना है.
गोलघर परिसर में बरगद का एक पेड़ औरदर्शनीय गौरीशंकर मंदिर भी है.
चलते चलते -
बिहार सरकार ने इस स्थान को विश्वस्तरीय पर्यटनस्थल का रूप देने के लिए एक प्रस्ताव भी पारितकिया है जिस से पर्यटकों को इस स्थल की तरफआकर्षित किया जा सके.
इस प्रोजेक्ट के अनुसार गोलघर के भीतरी भागको भी दर्शकों के लिए खोल दिया जाएगा.गोलघर को भीतर से मजबूत बनाने के साथ-साथसैलानियों को उसकी भीतरी बनावट भी दिखायीजायेगी.
यहां आकर पर्यटक शोध कर सकेंगे कि गोलघरका गुंबद बिना किसी स्तम्भ के कैसे खड़ा है.
इसके अलावा गुंबद के अंदर कला संस्कृति विभागको विकसित करना,गोलघर परिसर में एम्फीथियेटर और सात-आठ दुकानें बनाना , पुरानेकैफेटेरिया को आकर्षण रूप देना भी इसेप्रोजेक्ट का हिस्सा हैं.

कैसे जाएँ?
सड़क,रेल,और वायु मार्ग से पटना सभी प्रमुखशहरों से जुड़ा है.
-पटना के बारे में और अधिक और ताज़ाजानकारी इस साईट पर उपलब्ध है -
http://rss.bih.nic.in/
http://www.patnadaily.com/

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