बिहार की खास पहचान “मनेर के लड्डू”
दुनिया भर में मशहूर मनेर के लड्डू का इतिहास बेहद पुराना है। मनेर शरीफ मेंं वर्षों से रह रहे स्थानीय निवासी तनवीर अहमद खान का कहना है कि इतिहास के जानकार बताते है, पहली बार मुगल बादशाह शाह आलम अपने साथ दिल्ली से ‘नुक्ती के लड्डू’ लेकर मनेर शरीफ में पहुंचे थे। यहां की खानकाह के गद्दीनशीं संत और अन्य लोगों को लड्डू बेहद पसंद आए थे। इसके बाद शाह आलम दिल्ली से कारीगर लेकर फिर इस स्थान पर पहुंचे। इन कारीगरों ने स्थानीय लोगों को लड्डू बनाने के तरीके बताए। तनवीर अहमद खान ने बताया कि शाह आलम पहली बाद इमली के पत्ते के दोने में लड्डू लेकर पहुंचे थे। उनके साथ एक और मिठाई ताजखानी थी।
धीरे-धीरे स्थानीय कारीगर लड्डू बनाने में निपुण हो गए और आगे चलकर ये लड्डू ‘मनेर के लड्डू’ के रूप में विश्व प्रसिद्ध हो गए। करीब सौ वर्ष पुरानी दुकान मनेर स्वीट्स के मालिक सत्येन्द्र कुमार का कहना है, “अमेरिका, इंग्लैंड, दुबई सहित कई अन्य देशों में यहां से सौगात के रूप में मनेर के लड्डू भेजे जाते हैं। अंग्रेजों ने मनेर के लड्डू का स्वाद चखकर इसे वर्ल्ड फेम लड्डू का करार देकर प्रमाणपत्र दिया था।” मनेर स्वीट्स में आमिर खान जैसे कई बड़े अभिनेता लड्डू का स्वाद चखने आ चुके हैं। वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ भी यहां आकर लड्डू का जायका ले चुके हैं।
आज मनेर में लड्डू की लगभग सौ दुकानें हैं। लड्डू बनाने के लिए शुद्ध घी, बेसन, चीनी व अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। पटना के आसपास से गुज़रने वाले लोग इन दुकानों पर पहुंचकर लड्डू खरीदते हैं। बिहार की खास पहचान में मनेर के लड्डू का स्थान आता है।
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