पुराकोठी बना बिहार का पहला धुआं रहित गांव
अरवल जिले का पुराकोठी गांव बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। यह प्रदेश का पहला धुआंरहित गांव बन गया है। अब किसी भी घर से कोयला, लकड़ी या गोइठे का धुआं नहीं निकलता। दरअसल यह सूबे का पहला गांव है, जिसके सभी घरों में ‘मिशन स्मोकलेस विलेज’ के तहत एलपीजी कनेक्शन दे दिया गया है।
अभियान को लेकर कई महीनों से काम चल रहा था, जो 31 दिसंबर को पूरा हुआ। कभी इस गांव में शाम ढलते ही अधिकतर घरों से धुआं निकलने लगता था, लेकिन अब ऐसा नहीं। महिलाओं को चूल्हा जलाने के लिए आग मांगने की भी जरूरत नहीं। अब तो गैस बर्नर में लाइटर जलाई और झट से चाय तैयार। इसको अमलीजामा पहनाने में कंपनी के अफसरों से ज्यादा तत्परता गांव की महिलाओं ने दिखाई। नया कनेक्शन लेने वाली अंजुम आरा खुशी से कहती हैं कि अब मेहमान को चाय के लिए इंतजार नहीं कराना पड़ता। पहले 10 मिनट तो आग तैयार होने में ही लग जाते थे।
धुआंरहित गांव बनने से खुश हैं महिलाएं
पुराकोठी गांव के धुआंरहित बनने की खुशी सबसे अधिक महिलाओं में ही है। कौसर बानो कहती हैं कि धुएं से पूरा घर काला हो जाता था। लकड़ी और गोइठा गीला रहने पर फूंक मारते-मारते दम फूलने लगता था। अच्छा हुआ कि इससे निजात मिल गयी। शकील खां का कहना है कि भोजन जल्दी पकने लगा तो लोग समय से काम पर घर से निकलने लगे।
प्रति माह करीब तीन-चार सौ रुपए की बचत भी हो रही है। गांव के लोगों का कहना है कि अब जलावन के लिए पेड़ों को काटने की भी जरूरत नहीं पड़ती है। गोबर का उपयोग खेतों में खाद के रूप में कर रहे हैं। इससे उपज के अलावा खेतों की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी। पहले गोबर गोइठा बनाने के काम में आता था।
कनेक्शन के साथ फ्री में दिया चूल्हा: इसमें इंडियन ऑयल के अधिकृत गैस वितरक कलेर इंडेन का अहम योगदान रहा है। वितरक ने 240 घरों में से 204 घरों में कनेक्शन दिया है। शेष कनेक्शन हिन्दुस्तान पेट्रोलियम एवं भारत पेट्रोलियम की एजेंसियों ने दिया है। कलेर इंडेन के प्रोपराइटर नवीन कुमार ने बताया कि उन्होंने अरवल के दक्षिणी कलेर पंचायत में पुराकोठी गांव को गोद लिया था। इस गांव में कुल 250 घर हैं, जिनमें से 240 घरों में गैस कनेक्शन मिल चुका है। गांव के 195 घरों में पहले से ही एलपीजी कनेक्शन था। गोद लेने के बाद शेष 45 घरों में कनेक्शन दिया गया। नए उपभोक्ताओं को एजेंसी की ओर से नि:शुल्क गैस चूल्हा भी दिया गया। विदेश में रहने की वजह से गांव के 10 घर कई वर्षों से बंद हैं।
ग्राम पंचायत: दक्षिणी कलेर
जिला: अरवल
250 घरों की संख्या
240 कुल एलपीजी कनेक्शन
204 कनेक्शन आईओसीएल के
30 कनेक्शन बीपीसीएल के
06 कनेक्शन एचपीसीएल के
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