सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी लगाने वाला पहला जिला बना भागलपुर
भागलपुर। सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने वाला भागलपुर सूबे का पहला जिला बन गया है। उद्देश्य है शिक्षा में गुणवत्ता लाना। बुधवार को इस प्रणाली की शुरुआत इंटर स्कूल मिरजानहाट और सरयू देवी मोहनलाल कन्या उच्च विद्यालय मिरजानहाट, भागलपुर से की गई है। बॉयोमैट्रिक सिस्टम की शुरुआत विधायक अजीत शर्मा की पहल पर हुई है।
धीरे-धीरे जिले के सभी स्कूलों में इसे लगाया जाएगा। इंटर स्कूल मिरजानहाट में आठ सीसीटीवी और बायोमैट्रिक प्रणाली दोनों लगाई गई है जबकि कन्या उच्च विद्यालय में केवल बायोमैट्रिक प्रणाली लगाई गई है। बुधवार को इसका उद्घाटन विधायक अजीत शर्मा समेत आरडीडीई धुरेंद्र शर्मा, डीईओ फूलबाबू चौधरी की मौजूदगी में हुआ। कार्यक्रम के आयोजन में स्कूल के प्राचार्य डॉ. शरत चंद्र झा समेत शिक्षिका अर्चना कुमारी, अंजलि, कामिनी और चित्रलेखा आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षिका कुमारी जयश्री ने मंच संचालन किया। मौके पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष महादेव मिश्र व जिलाध्यक्ष रामनगीना सिंह भी मौजूद थे।
उदघाटन करते विधायक अजित शर्मा व अन्य।
छात्रों की सुविधा के लिए यह तकनीक : विधायक
नगर विधायक ने कहा कि इस प्रणाली की शुरुआत शिक्षकों पर अंकुश लगाने के लिए नहीं बल्कि छात्रों की सुविधा के लिए किया गया है। कक्षा में क्या पढ़ाया जा रहा है इसकी क्वालिटी कैसी है, इसकी जानकारी अब विभाग को मिलती रहेगी।
क्या होगा इस सिस्टम के लागू होने से
बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने से स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति तो समय पर होगी ही, साथ ही वॉयस रिकॉर्डरयुक्त सीसीटीवी कैमरे से स्कूलों में पढ़ाए जा रहे विषयों की गुणवत्ता की निगरानी भी जा सकेगी। फिलहाल यह सिस्टम ऑनलाइन नहीं है। इस प्रणाली में एक महीने का डाटा खुद ब खुद स्टोरेज रहेगा, बाद में इसे हार्ड डिस्क या सीडी में स्टोरेज किया जाएगा। इसे एक वर्ष तक सुरक्षित रखा जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी वरीय अधिकारी को दिखाया जा सके।
स्कूल में कार्यक्रम के दौरान बैठे छात्र।
शिक्षक संघ ने सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सिस्टम का किया विरोध
कार्यक्रम में मौजूद बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव अनिरुद्ध प्रसाद ने कहा कि शिक्षा विभाग को शिक्षकों की मजबूरी भी समझनी चाहिये। शिक्षक काफी दूर-दूर से चलकर सुदूर क्षेत्र में स्थित विद्यालय तक पहुंचते हैं। संसाधन विहीन शिक्षक काफी कम सैलेरी में छात्रों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने में लगे हैं। ऐसे में सीसीटीवी जैसे उपकरणों से निगरानी और बायोमेट्रिक सिस्टम से शिक्षकों की उपस्थिति करना जायज नहीं है।
शिकायत मिलती है, शिक्षक आते नहीं : आरडीडीई
इंटर स्कूल में कार्यक्रम के दौरान आरडीडीई धुरेंद्र शर्मा ने कहा कि अक्सर शिकायत मिलती है कि शिक्षक कक्षा में लेट आते हैं या आते ही नहीं। शिक्षकों को गायब देख छात्र भी फरार हो जाते हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग अब इस पर रोक लगाने के लिए तकनीक की मदद ले रहा है। डीईओ फूलबाबू चौधरी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भागलपुर सूबे में पहले स्थान पर है। आगे भी यह पोजिशन बना रहे, इसके लिए जिले के शिक्षकों को अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहना होगा।
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